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अंजल

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंजल ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ अञ्जलि] दोनों हथेलियों को मिलाकर बनाया हुआ संपुट वा गड्ढा जिसमें पानी वा और कोई वस्तु भर सकते हैं । उ॰—अजल भर आँटा साई का । बेटा जीवौ माई का ।—(फकीरों की बोली) ।

अंजल ^२ संज्ञा स्त्री॰ दे॰ 'अंजली' ।

अंजल पु संज्ञा पुं॰ दे॰ 'अत्रजल' । उ॰—जब अजल मुँह सोवा समुद्र न सँवरा जागि । अब धरि काढ़ मच्छ जिमि पानी काढ़त आगि ।—जायसी (शब्द॰)