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अंटाचित

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंटाचित क्रि॰ वि॰ [हिं॰ अंटा + चित] पीठ के बल । सीधा । पीठ जमीन पर किए हुए । पट और औंधा का उलटा । क्रि॰ प्र॰—गिरना । पड़ना ।—होना । मुहा॰—अंटाचित होना = (१) स्तंभित होना । अवाक् होना । (२) पीठ के बल गिर पड़ना, दजैसे, इस खबर को सुनते ही वह अंटाचित हो गया (शब्द॰) । (३) बेकाम होना । बरबाद होना । किसी काम का न रह जाना, जैसे, व्यापार में उसे ऐसा घाटा आया कि वह अंटाचित हो गया (शब्द॰) ।

४. नशे में बेसुध होना । बेखबर होना । अचेत होना । चूर होना । उ॰—वह भंग पीते ही अंटाचित हो गया (शब्द॰) ।