अंडवृदिधि
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंडवृदिधि संज्ञा पुं॰. [सं॰. अण्डवृद्धि] एक रोग जिसमें अंडकोश वा फोता फूलकर बहुत बढ़ जाता है । फोते का बढ़ना । विशेष—शरीर की बिगड़ी हुई वायु या जल नीचे की ओर चलकर पेड़, के एक ओर की संधियों से होता हुआ अंडकोश में जा पहुँचता है, और उसको बढ़ाता है । वैद्यक में इसके वातज, पित्तज आदि कई भेद माने गए है ।