अंतरख
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतरख पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तरिक्ष, प्रा॰ अंतरिक्ख] अंतरिक्ष । शून्य । अंतर । आकाश । उ॰—रूप न होता तब अकुलान रहिता सबद । गगन न होता तब अंतरख रहिता चंद ।—गोरख॰, पृ॰ १८९ ।
अंतरख पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तरिक्ष, प्रा॰ अंतरिक्ख] अंतरिक्ष । शून्य । अंतर । आकाश । उ॰—रूप न होता तब अकुलान रहिता सबद । गगन न होता तब अंतरख रहिता चंद ।—गोरख॰, पृ॰ १८९ ।