सामग्री पर जाएँ

अंतरतम

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंतरतम संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तरतम] सबसे भीतर का भाग या हिस्सा । अंतस्तल । उ॰—छिपी रहेगी अंतरतम में सबके तू निगूढ़ धन सी ।—कामायनी, पृ॰ ६ ।