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अंतरधान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंतरधान पु वि॰ दे॰ अंतर्द्धान’ उ॰—पुनि पुनि अस कहि कृपा- निधाना । अंतरधान भए भगवाना ।—मानस, १ । १५२ ।