अंतरप्रकाश
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतरप्रकाश संज्ञा पुं॰ [पुं॰ अन्तःप्रकाश] भीतरी प्रकाश । आत्मज्ञान । उ॰—‘यह भी बिना अंतरप्रकाश के जाना नहीं जा सकता कि भोगनेवाला कौन है और मैं कौन हूँ ।—कबीर सा॰, पृ॰ ९७१ ।
अंतरप्रकाश संज्ञा पुं॰ [पुं॰ अन्तःप्रकाश] भीतरी प्रकाश । आत्मज्ञान । उ॰—‘यह भी बिना अंतरप्रकाश के जाना नहीं जा सकता कि भोगनेवाला कौन है और मैं कौन हूँ ।—कबीर सा॰, पृ॰ ९७१ ।