अंतरमत
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतरमत संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तर+मत] आंतरिक विचार । निगूढ़ या गुह्य मत । उ॰—बचन पच्छिला मिट्टया अंतरमत खोला ।—पु॰ रा॰, पृ॰ २९ ।
अंतरमत संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तर+मत] आंतरिक विचार । निगूढ़ या गुह्य मत । उ॰—बचन पच्छिला मिट्टया अंतरमत खोला ।—पु॰ रा॰, पृ॰ २९ ।