अंतरमुख
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतरमुख पु वि॰ [सं॰ अन्तर्मुख] भीतर की ओर उन्मुख । आंतरिक ध्यानयुक्त । उ॰—बरनै दीनदयाल मिलै नहिं बाहर टेरे । अंतरमुख ह्वै ढूंढ़ सुगंध सबै घट तेरे ।—दीन॰ ग्रं॰, प्रृ॰ २३० ।
अंतरमुख पु वि॰ [सं॰ अन्तर्मुख] भीतर की ओर उन्मुख । आंतरिक ध्यानयुक्त । उ॰—बरनै दीनदयाल मिलै नहिं बाहर टेरे । अंतरमुख ह्वै ढूंढ़ सुगंध सबै घट तेरे ।—दीन॰ ग्रं॰, प्रृ॰ २३० ।