अंतररति
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतररति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ अन्तर्+रति] संभोग के सात आसन, यथास्थिति, तिर्यक्; संमुख, विमुख, अध, ऊर्ध्व और उत्तान ।
अंतररति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ अन्तर्+रति] संभोग के सात आसन, यथास्थिति, तिर्यक्; संमुख, विमुख, अध, ऊर्ध्व और उत्तान ।