अंतरसंचारी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतरसंचारी संज्ञा पुं॰[सं॰ अन्तर्संचारी] वे अस्थिर मनोविकार जो बीच बीच में आकर मनुष्य के हृदय के प्रधान और स्थिर (स्थायी) मनोविकारों में से किसी की सहायता वा पुष्टि करके रस की सिद्धि करते हैं । इसे केवल संचारी भी कहते हैं । [‘अंतर’ शब्द इस कारण भी लगाया गया कि किसी किसी ने अनुभाव के अंतर्गत सात्विक भाव को तनसंचारी लिखा है ।] ये ३३ माने गए हैं । दै॰ ‘संचारी’ ।