अंतरहीन
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतरहीन वि॰ सं॰ [अन्तर+हीन] जिसमें फासला न हो । व्यव- धान रहित । उ॰—उस अंतरहीन सामीप्य में किसी न्यूनता और अवसाद की अनुभूति के लिये स्थान नहीं रह गया ।—वो दुनिया, पृ॰ १३ ।
अंतरहीन वि॰ सं॰ [अन्तर+हीन] जिसमें फासला न हो । व्यव- धान रहित । उ॰—उस अंतरहीन सामीप्य में किसी न्यूनता और अवसाद की अनुभूति के लिये स्थान नहीं रह गया ।—वो दुनिया, पृ॰ १३ ।