अंतर्गांधार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतर्गांधार संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तर्गान्धार] संगीत में तीसरे स्वर के अंतर्गत एक विकृत स्वर जो प्रसारिणी नामक श्रुति से आरंभ होता है और जिसमें चार श्रतियाँ होता हैं ।
अंतर्गांधार संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तर्गान्धार] संगीत में तीसरे स्वर के अंतर्गत एक विकृत स्वर जो प्रसारिणी नामक श्रुति से आरंभ होता है और जिसमें चार श्रतियाँ होता हैं ।