अंतर्द्रं
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतर्द्रं द्व संज्ञा, पुं॰ [सं॰ अन्तर्द्वन्द्व]
१. चरित्रविकास की दृष्टि से नाटक के प्रधान पात्र का आंतरिक संघर्ष । मन में उठनेवाले भावों अथवा विचारों का संघर्ष । उ॰—मानवीय प्रेम के उद्— भव, उत्थान, विकास, अंतर्द्वद्व, ह्रास आदि की कहानी कहने का यत्न किया गया है ।—हिं॰ आ॰ प्र॰, पृ॰ २४५ ।
२. घर या देश का आपसी झगड़ा [को॰] ।