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अंतर्वेद

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंतर्वेद संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तर्बेदि] [वि॰ अंतर्वेदी]

१. देश जिसके अंतर्गत यज्ञों की वेंदियाँ हों ।

२. गंगा और यमुना के बीच का देश । गंगा यमुना के बीच का बीच का दोआब । ब्रह्मावर्त देश । उ॰—तुम आज से अंतर्वेद के विषयपति नियत किए गए ।— स्कंदं॰, पृ॰ ८१ ।

३. दो नदियों के बीच का देश या भूखंड । दोआब ।