अंतस्
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतस् ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तस्] अंतःकरण । मन । हृदय । चित्ता मानस उ॰—(क) तुही मानवं देव दानं सिधानं । तुही कोटि ब्रह्मादि अंतस् समानं ।—पृ॰ रा॰, २ । २०५ । (ख) काया की न छाया यह केवल तुम्हारी द्रुम ! अंतस् के मर्म का प्रकाश यह छाया है ।—रस॰, पृ॰ १६ ।
अंतस् ^२ वि॰ 'अतर्' शब्दक । समासगत रूप, जैसे, अंतस्कल, अंतस्तप्त आदि में ।