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अंतस्यंज्ञा

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंतस्यंज्ञा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ अन्तस् + संज्ञा] मन या बुद्धि की वह क्रिया जो अभी तक प्रत्यक्ष अनुभव में स्पष्ट न हुई हो । उ॰— उदय से स्त तक भावमंडल का कुछ भाग तो आश्रय की चेतना के प्रकाश (कांशस) में रहता है और कुछ अंतस्संज्ञा के क्षेत्र (सब कांशस रीजन=अवचेतन) में छिपा रहता है ।—रस॰, पृ॰ ६५ ।