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अंतहकर्ण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंतहकर्ण पु संज्ञा पुं॰ दे॰ 'अंतःकरण' । उ॰—सुँदर हरि के भजन तै निर्मल अंतहकर्ण ।—सुंदर ग्रं॰, पृ॰ ६७९ ।