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अंधतामिस्त्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंधतामिस्त्र संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्धतामिस्त्र]

१. घोर अंधकारयुक्त नरक । बड़ा अंधेरा नरक । २१ बड़े नरकों में से दुसरा या १८ वाँ ।

२. जीने की इच्छा रहते हुए भी मरने का भय (सांख्य) । विशेष—सांख्य में इच्छ के विघात अर्थात् जो इच्छा में आए उसे करने की अशक्ति को विपर्यय कहते हैं । इस विपर्यय के पाँच भेद है जिनमें से अंतिम को अंधतामिस्र या अभिनिवेश कहते हैं ।

३. योगशास्त्र के अनुसार पाँच क्लेशों में से एक । मृत्यु का भय । अभिनिवेश ।

४. मृत्यु के बाद आमा का अनस्तित्व [को॰] ।