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अंमृत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंमृत पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ अमृत] अमृत । सुधा । उ॰— गगन मंड़ल में ऊँधा कृधा तहाँ अमृत का बासा । —गौरख॰, पृ॰ ९ ।