अकिंचितकर

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हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अकिंचितकर वि॰ [सं॰ अकिञ्चित्कर]

१. जिसका किया कुछ न हो । असमर्थ ।

२. तुच्छ । अशक्त । उ॰—'जो अकिंचितकर था वह भी अपरूप हो गया ।'—टैगोर॰, पृ॰ २४ ।