अखंड़ित
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अखंड़ित वि॰ [सं॰ अखण्ड़ित] जिसके टूकड़े न हो । विभाग- रहित अविच्छिन्न । उ॰—सोइ सर्वज्ञ तज्ञ सोइ पंड़ित । सोइ गुन गृह विज्ञान अखंड़ित ।—मानस, ७ ।४९ ।
२. संपूर्ण । समूचा । पूरा । परिपूर्ण । उ॰—वे हरि सकल ठौर के बासी । पूरन ब्रह्म अखंड़ित पंड़ित मुनिन बिलासी ।—सूर॰, १० ।३०६६ । जिसमें कोई रुकावट न हो । बाधा- रहित । निर्विघ्न; जैसे—उसका व्रत अखंड़ित रहा (शब्द) ।