अखरोट

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हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अखरोट ^१ पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'अखरावट'—

१. । उ॰—पुणजै, सुध अखरोट पिण औ दस दोष अगाध ।—रघु॰ रू॰, पृ॰ १३ ।

अखरोट ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ अक्षोट; प्रा॰ अक्खोड़] एक बहुँत ऊँचा पेड़ जो हिमालय पर भूटान से लेकर कश्मीर और आफगानि- स्तान तक होता है । विशेष—खासिया की पहाड़ियों तथा अन्य स्थानों पर भी यह लगाया याता है । इसकी लकड़ी बहुत ही अच्छी, मजबुत और भूरे रंग की हती है और उसपर बहुत सुँदर धारियाँ पड़ी होती है । इसकी मेज, कुरसी, बंदूक के कुंदे, संदूक आदि बनते है । इसकी छाल रंगने और दवा के काम में भी आती है । इसका फल अंड़ाकार, बहेड़े के समान होता है । सूखने पर इसका छिलका बहुत कड़ा हो जाता है जिसके भीतर से टेड़ा मेड़ा गूदा व मीठी गरी निकलती है । गदे में तेल भी बहुत निकलता है । ड़ंठल और पत्तियों को गाय बैल खाता है । अखरोट बहुत गर्म होता है ।

अखरोट जंगली संज्ञा पुं॰ [हिं॰] जायफल ।