अघ्रान
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अघ्रान पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ अघ्राण]
१. गंघ लेने की क्रिया या भाव । सूँघने का कार्य । गंधग्रहण ।
२. गंध । महक । अरघान । उ॰—नर अघ्रान तहाँ तिन्ह लगी । संत सुकृत बोले अनुरागी । —कबीर सा॰ पृ॰ ६७ ।
अघ्रान पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ अघ्राण]
१. गंघ लेने की क्रिया या भाव । सूँघने का कार्य । गंधग्रहण ।
२. गंध । महक । अरघान । उ॰—नर अघ्रान तहाँ तिन्ह लगी । संत सुकृत बोले अनुरागी । —कबीर सा॰ पृ॰ ६७ ।