अधारी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अधारी ^१ पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ आधार या आधारिका]
१. आश्रय । सहारा ।आधार की चीज ।
२. काठ के ड़डे में लगा काठ का पीढ़ा जिमे साधु लोग सहारे रे लिये रखते है । उ॰—ऊधोयोग सिखावन आए । श्रृंगी भस्म अधारी मुद्रा दै यदुनाथ पठाए ।— सुर (शब्द॰) ।
३. यात्रा का सामन रखने का झोला या थैला जिसे मुसफिर लोग कंधे पर रखकर चलते है । उ॰— मेखल, सिधी,चक्र धंधारा । जोगवाट, रुदराक्ष अधारी ।— जायसी ग्रं॰, पृ॰ ५३ ।
अधारी ^२ वि, स्त्री सहार देनेवाली । प्रिय सुख देनेवाली ।भली । उ॰—की मोहि लै पिय कंठ लगावै । परम अधारी बात सुनावै । —जायसी (शब्द॰) ।
अधारी ^३ संज्ञा पुं॰ [हि॰ आधा+ आरियसम्थ] बोनिकाला हुआ बैल ।