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अध्यस्त

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अध्यस्त वि॰ [सं॰] जिसका भ्रम किसी अधिष्ठान में हो । विशेष—जैसे—रज्जु में सर्प, शुक्ति में रजत ओर स्थाणु में पुरुष का भ्रम । यहाँ सर्प ,रजत और पुरुष अध्यस्त है और रज्जु आदि अधिष्ठोनों में इनका भ्रम होता है ।