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अनङ्गशेखर

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अनंगशेखर संज्ञा पुं॰ [सं अनङ्गशेखर] दंड़क नामक वर्णवृत्त का एक नेद जिससें ३२ वर्ण होते है ओर लघु गुरु का कोई क्रम नही । होता । जैसे—गरज्जि सिंहनाद लो निनाद मेघनाद वीर क्रुद्ध आन सान सों कृसानु बाण छंड़ियं (शब्द॰) ।