अनचीत
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अनचीत वि॰ [हि॰ अन+ चीत] मन या चित के विरूद्ध । बेमन । उ॰— गैया चरै अनवीत, मुरली मोहि रे रहे ।— प्रेंनघन॰ भा॰ २, पृ॰ ३५० ।
अनचीत वि॰ [हि॰ अन+ चीत] मन या चित के विरूद्ध । बेमन । उ॰— गैया चरै अनवीत, मुरली मोहि रे रहे ।— प्रेंनघन॰ भा॰ २, पृ॰ ३५० ।