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अनभङ्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अनभंग पु वि॰ [हिं॰ अन+ भंग=टूटना] अखंडित ।अभंग । परिपूर्ण । उ॰—थरहरात उर कर कँपत फरकत अधर सुरंग । परखि पीउ पलकानि प्रगट पीक लीक अनमंग । पदमाकर ग्रं॰, पृ॰ १६९ ।