अनरुअ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अनरुअ पु वि॰ [सं॰ अनुरुप;प्रा॰ अणुरुअ] समान । तुल्य । सदृश । उ॰—मुरति मनोहर चारि बिरचि बिरंचि परमारथ मई । अनरुप भूपति जानि पूरन जोग विधि संकर दइ ।— तुलसी ग्रं॰; पृ॰ २६९ ।
अनरुअ पु वि॰ [सं॰ अनुरुप;प्रा॰ अणुरुअ] समान । तुल्य । सदृश । उ॰—मुरति मनोहर चारि बिरचि बिरंचि परमारथ मई । अनरुप भूपति जानि पूरन जोग विधि संकर दइ ।— तुलसी ग्रं॰; पृ॰ २६९ ।