अन्तरपट
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अंतरपट संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तःपट]
१. परदा । आड़ । ओट । उ॰— उघरेहूँ अतरपट राखत अगने गुनहि गहौ ।—घनानंद, पृ॰ ५४७ ।
२. विवाहमंडप में यम की आहुति के समय अग्नि और वर कन्या के बीच में एक परदा डाल देते हैं जिसमें वे दोनों उस आहुति को न देखें । इस परदे को अंतरपट कहते हैं । क्रि॰ प्र॰—करना ।—डालना ।—देना । मुहा॰—अंतरपट साजना=छिपकर बैठना । सामने न होना । ओट में रहना ।
३. परदा । छिपाव । दुराव । भेद ।
४. धातु या औषध को फूँकने के पहले उसकी लुगदी या संपुट पर गीली मिट्टी के लेव के साथ कपड़ा लपेटने की क्रिया । कपड़मिट्टी । कपड़ौरी । कपरौठी । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना ।
५. गोली मिट्टी का लेव देकर लपेटा हुआ कपड़ा ।