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अन्हरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अन्हरा पु † वि॰ [सं॰ अंध; प्रा॰ अंधल] अंधा । नेत्रहीन । सूर । उ॰—जो कुछ रहा से अन्हरे भाखा, कठवै कहेसि अनूठी । बचा रहा सो जोलहा कहिगा, अब जो कहैं सो झूठे । — प्रमेघन॰, भा॰२, पृ॰ ३९९ ।