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अपहार

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अपहार संज्ञा पुं॰ [सं॰] [वि॰ अपहारक, अपहार, अपहारित, अपहार्य]

१. चोरी । लूट ।

२. छिपांव । संगोपन ।

३. ले जाना (को॰) ।

४. दूसरे की संपत्ति खर्च करना । पराया माल उड़ाना (को॰) ।

५. हानि । क्षति (को॰) ।

६. प्राप्त करना । साना [को॰] प्राप्ति [को॰] ।