अबरन्य
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अबरन्य संज्ञा पुं॰ [सं॰ अवर्ण्य] दे॰ 'अवर्ण्य' । उ॰—कहूँ अबरन्यन को कहत भूषन बरनि बिबेक ।—भूषण ग्रं॰, पृ॰ ९१ ।
अबरन्य संज्ञा पुं॰ [सं॰ अवर्ण्य] दे॰ 'अवर्ण्य' । उ॰—कहूँ अबरन्यन को कहत भूषन बरनि बिबेक ।—भूषण ग्रं॰, पृ॰ ९१ ।