सामग्री पर जाएँ

अबरन्य

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अबरन्य संज्ञा पुं॰ [सं॰ अवर्ण्य] दे॰ 'अवर्ण्य' । उ॰—कहूँ अबरन्यन को कहत भूषन बरनि बिबेक ।—भूषण ग्रं॰, पृ॰ ९१ ।