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अबर्न्य

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अबर्न्य पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ अवर्ण्य] दे॰ 'अवर्ण्यअबल ^२' । उ॰—आदर घटत अबर्न्य को, जहाँ बर्न्य के जोर ।—भूषण ग्रं॰ पृ॰ २९ ।