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अभिसारका

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अभिसारका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] अवस्थानुसार नायिका के दस भेदों में एक । वह स्त्री जो सकेत स्थल में प्रिय से मिलने के स्वयं जाय या प्रिय को बुलाए । विशेष—यह दो प्रकार की है, शुक्लाभिसारिका ( जो चाँदनी रात में गमन करे ) और कृष्णाभिसारिका (जो अँधेरी रात में मिलने जाया ) कोई कोई एक तीसरा भेद दिवाभिसारिका (दिन में जानेवाली) भी मानते हैं । साहित्य शास्त्र में अभिसार के आठ स्थान कहे गे हैं— (१) खेत, (२) उपवन या बगीचा (३)भग्नमंदिर, (४) दूती या सहेली का निवासस्थान, (५) जंगल, (६) तीर्थस्थान, (७) श्मशान । (८) नदीतट या परिसर ।