अभोग
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अभोग ^१ पु वि॰ [सं॰] जिसका भोग न किया गया हो । अछूत । उ॰— वरनि सिगार न जाने उँ नख सिख जैस अमोग । तस जग किछू न पायउँ उपम देउँ जोग ।—जायसी (शब्द॰) ।
अभोग ^२ संज्ञा पुं॰ भोग का अभाव [को॰] ।
अभोग ^१ पु वि॰ [सं॰] जिसका भोग न किया गया हो । अछूत । उ॰— वरनि सिगार न जाने उँ नख सिख जैस अमोग । तस जग किछू न पायउँ उपम देउँ जोग ।—जायसी (शब्द॰) ।
अभोग ^२ संज्ञा पुं॰ भोग का अभाव [को॰] ।