अर्द्धङ्ग
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अर्द्धंग पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ अर्द्धिङ्ग] १ शिव । उ॰—भंग होत अर्द्धग धनु जानि लखन तिहि काल । कह्यो लोकपालन मनहि सजग होहु यहि काल ।—रघुराज (शब्द॰) ।
२. एक रोग । दे॰ 'अर्द्धँग' ।
अर्द्धंग पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ अर्द्धिङ्ग] १ शिव । उ॰—भंग होत अर्द्धग धनु जानि लखन तिहि काल । कह्यो लोकपालन मनहि सजग होहु यहि काल ।—रघुराज (शब्द॰) ।
२. एक रोग । दे॰ 'अर्द्धँग' ।