अर्बुद

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search

हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अर्बुद संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. गणित में नवें स्थान की संख्या । दस कोटि । दस करोड़ ।

२. एक पर्वत जो राजपूताने की मरुभूमि में है । अरावली । आबू जो जैनों पवित्र स्थान है ।

३. एक असुर का नाम ।

४. कद्रू का पुत्र एक सर्प विशेष एक नरक का नाम [को॰] ।

५. मेघ । बादल ।

६. दो मास का गर्भ । एक रोग जिसमें शरीर में एक प्रकार की गाँठ पड़ जाती है । बतौरी । विशेष—इसमें पीड़ा तो नहीं होती पर कभी कभी यह पक भी जाती है । इसके कई भेद हैं जिनमें से मुख्य रक्तार्बुद और मांसार्बुद हैं ।