अलगगीर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अलगगीर संज्ञा पुं॰ [अ॰ अरक फा॰ गीर] कंबल या नमदा जिसे घोड़े की पीट पर रखकर ऊपर से जीन या चारजामा कसते हैं ।
अलगगीर संज्ञा पुं॰ [अ॰ अरक फा॰ गीर] कंबल या नमदा जिसे घोड़े की पीट पर रखकर ऊपर से जीन या चारजामा कसते हैं ।