अल्हजा
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अल्हजा पु संज्ञा पुं॰ [अ॰ अल् हजल्] यह बात और वह बात । गप्प । इधर उधर की बात । उ॰—कबिरा जीवन कछु नहीं, खिन खारा खिन मीठ । काल्हि अल्हजा मारिया, आज मसाना दीठ ।—कबीर (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—मारना ।
अल्हजा पु संज्ञा पुं॰ [अ॰ अल् हजल्] यह बात और वह बात । गप्प । इधर उधर की बात । उ॰—कबिरा जीवन कछु नहीं, खिन खारा खिन मीठ । काल्हि अल्हजा मारिया, आज मसाना दीठ ।—कबीर (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—मारना ।