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अवटना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अवटना ^१ पु क्रि॰ स॰ [सं॰ आवर्त्तन, प्रा॰ आवट्टन, आट्टन]

१. मथना । आलोड़न करना ।

२. किसी द्रव पदार्थ को आग पर रखकर चलाकर गाढ़ा करना । उ॰—(क) परम धर्ममय पय दुहि भाई । अवटै अनल अकाम बनाई ।—मानस, ७ ।११७ । (ख) कान्ह माखन खाहु हम सु देखैं । सद्य दधि दूध ल्याई अवटि हम, खाहु तुम सफल करि जनम लेखै ।—सूर॰, १० ।१५९६ । मुहा.—अवटि मरना=भ्रमना । मारे मारे फिरना । चक्कर खाना । दु:ख उठाना । उ॰—जो आचरन बिचारहु मेरो कपल कोटि लगि अवटि तरौं । तुलसिदास प्रभु-कृपा-बिलोकनि गोपद ज्यों भवसिंधु तरौं ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ५२९ ।

अवटना ^१ पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ अटन] घूमना फिरना ।