अवडेरना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अवडेरना पु ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ उद्वासन या हिं॰ अवडेर]
१. न बसने देना । न रहने देना । उ॰—भोरानाथ भोरे ही सरोष होत थोरे दोष, पोषि-तोषि थापि आपने न अवडेरिये ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ २५६ ।
२. चक्कर में डालना । फरे में डालना । उ॰—(क) पंच कहे सिव सती बिबाही । पुनि अवडेरि मरा- एन्हि ताही ।—मानस, १ ।७९ ।