सामग्री पर जाएँ

अवढर

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अवढर पु वि॰ [सं॰ अब+ हिं॰ ढरना] दे॰ 'ओढर' । उ॰—(क) आसुतोष तुम्ह अवढर दानी । आरति हरहु दीन जनु जानी ।— मानस, २ ।४४ । (ख) लच्छ सौं बहु लच्छ दीन्हौं दान अवढर ढरन ।—सुर॰, १ ।२०२ ।