अवतारना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अवतारना पु क्रि॰ सं॰ [सं॰ अवतारण]
१. उत्पन्न करना । रचना । उ॰—चाँद सग बिधि अवतार । दीन्ह कलंक कीन्ह उजियारा । —जायसी (शब्द॰) ।
२. उतारना । जन्म देना । उ॰—(क) सिघलदीप राजघरवारी । महा स्वरुप दई अवतारी ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) धन्य कोख जिहि तोकौं राख्यौ धनि घरि जिहि अवतारी । धन्य पिता माता तेरे छबि निरखाति हरि महतारी । —सूर॰ १० ।७०३ ।