अवभृथ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अवभृथ संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह शेष कर्म जिसके करने का विधान मुख्य यज्ञ के समाप्त होने पर है ।
२. वह स्नान जो यज्ञ के अंत में किया जाय । यज्ञांतस्तान । उ॰—पावक सरोवर में अवभृथ स्नान था, अत्मासम्मान यज्ञ की वह पूर्णाहुति ।— लहर, पृ॰ ६३ ।