अवर्त
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अवर्त ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] स्फुर्तिशून्य पदार्थ । वह पदार्थ जिसके आरपार प्रकाश या दृष्टि न या सके ।
अवर्त ^२ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ आवर्त्त]
१. भँवर । नाँद । उ॰—कादर भयंकर रुधिर सारिता चली परम अपावनी । दोउ कूल दल रथ रेत चक्र अवर्त्त बहति भयावनी । —मानस, ६ ।८६ ।
२. पु घुमाव । चक्कार । उ॰— बिषम बिषाद तोरावति धारा । भय भ्रम भँवर अवर्त आपारा ।—मानस, २ ।२७५ ।