अवाय
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अवाय ^१पु वि॰ [सं॰ अवर्य] अनिवार्य । उच्छृंखल । उद्धत । उ॰— दीनदयाल पतित पावन प्रभु बिरद भुलावत कैसे । कहा भयो गज गनिका तारींजो जन तारौ ऐसे । अकरम अबुध अज्ञान अवाया अनमारग अनरीति । जाको नाम लेत अध उपजै सो मैं करी अनीति ।— सूर (शब्द॰) ।
अवाय ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰] हाथ में पहनने का भूषण । कड़ा । —डिं॰