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अविगत

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अविगत वि॰ [सं॰]

१. जो विगत म हो । जो जाना न जाय । उ॰— दूजे घट इच्छा भई चित मन सातो कीन्ह । सात रूप निरभाइया अविगत काहु न चीन्ह ।— कबीर (शब्द॰) ।

२. अज्ञात । अनिर्वचनीय । उ॰—(क) अविगत गोतीता चरित पुनीता मायारहित मुकुंदा ।— तुलसी (शब्द॰) । (ख) राम सरूप तुम्हार, वचन ओचर बुद्धि पर । अविगत अकथ अपार नेति नेति नित निगम कह ।— तुलसी (शब्द॰) ।

३. जो नष्ट न हो । नित्य ।