अवृद्धिक
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अवृद्धिक ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] बिना वृद्धि या ब्याज का रुपया । मूल धन । असल ।
अवृद्धिक ^२ वि॰ जिसपर ब्याज न लगता हो । जो बढ़ता न हो ।
अवृद्धिक ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] बिना वृद्धि या ब्याज का रुपया । मूल धन । असल ।
अवृद्धिक ^२ वि॰ जिसपर ब्याज न लगता हो । जो बढ़ता न हो ।